श्रीराजमातंगी साधना ( Half Lalita )

श्रीराजमातंगी साधना ( Half Lalita )

श्रीविद्या के क्रमदीक्षा चरण में दूसरे स्तर पर श्रीराजमातंगी देवी की दीक्षा दी जाती हैं । श्रीविद्या पीठम द्वारा श्रीविद्या दीक्षा पद्धती में आपने श्रीमहागणपति दीक्षा ली होगी । उनके लिए यह दूसरे स्तर पर श्रीराजमातंगी दीक्षा प्रस्तुत कर रहे हैं ।
श्रीराजमातंगी यह ललिता की आधी शक्ति हैं , उन्हें अर्ध ललिता भी कहाँ जाता हैं ।
बिना प्रथम दीक्षा के यह दीक्षा नहीं दी जाएंगी ।

श्रीविद्या पीठम प्राचीन तांत्रिक शास्त्र के अनुसार ही श्रीविद्या पद्धती को सिखाने में रुची रखता हैं । हम साधक का ज्ञान बढाने की कोशिश करते हैं ।

इस दूसरे चरण की दीक्षा में देवी राजमातंगी का तर्पन विधी , अभिषेक विधी सिखाया हुआ हैं । उसके साथ देवी का जरूरी ज्ञान , उनके तत्व का ज्ञान भी दिया हैं । अस्त्र शस्त्र की जानकारी , परिवार देवताओं की जरूरी जानकारी , लाखों साल कार्य करने के उपरांत महाविद्याएँ अपनी शक्तियाँ कैसे बदलती हैं उसकी जानकारी तथा उनके संबध काफी सारी गुप्त बाते भी इसमें हमने बताई हैं ।
इस तरह से साधना और ज्ञान कही भी उपलब्ध नहीं हैं ।

देवी राजमातंगी श्रीललिता त्रिपुरसुंदरी की पहली सबसे प्रिय शक्ति के रूप में हैं । उनके रथ का नाम गेय चक्र हैं । संपूर्ण श्रीयंत्र रूपी राजमहल की वह प्रधानमंत्री हैं ।
वह हरे रंग पर नियंत्रण रखने वाली तथा वनस्पतियों में हरे रंग का जो भी विज्ञान हैं । वह सभी इस देवी के पास आता हैं ।
वह गुरु और माता दोनों बनकर मार्गदर्शन करती हैं । बल्कि श्रीललिता दोनों अवस्था धारण नहीं कर सकती , क्योंकि सर्वोच्च होने के कारण हमेशा वह एक जगह रह नहीं सकती ।

श्रीकुल श्रीविद्या में जैसे राजमातंगी देवी प्रधानमंत्री होती हैं , वैसे ही काली कुल श्रीविद्या पद्धती में उसकी जगह क्रोकाशेश्वरी देवी होती हैं ।

RajMatangi is Suprem after SriLalitha .

श्रीराजमातंगी देवी श्रीविद्या क्रम में साधक को आगे बढाने तथा साधक को उसके कुल – पितृ ऋण से मुक्त करके आगे बढ़ाती हैं । यह साधना काफी लंबे समय तक रखनी आवश्यक हैं ।

अनुक्रमणिका : 1. तर्पन विधी 2. अभिषेक विधी 3. Introduction

दक्षिणा मूल्य : 5001/- & 100$ ( Out of India )
( Google Pay and Phone pey )

Inquiry about this Sadhna :
SriVidya Pitham
Contact : 09860395985 Whatsapp
Blog : https://srividyapitham.com
Email ID : sripitham@gmail.com

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