अभीतक आप साधक , श्रीविद्या में न्यासविद्या का महत्व समझ चुके होंगे। ‘अस’ धातु में ‘नि’ उपसर्ग लगाने पर न्यास शब्द बनता है।
Category: Sadhna Sutra
SriVidya – Nyasa Vidya 1
◆ श्रीविद्या अंतर्गत अभ्यास के मुख्य अंग ◆ ?न्यासविद्या भाग : १ ? देवतत्वं प्राणतत्वं बिंदुतत्वं च सुंदरी । ज्ञानतत्वं शक्तितत्वं
