श्रीयंत्र अंतर्गत बहिर्दशार ( १० त्रिकोण ) Explanation

श्रीयंत्र अंतर्गत बहिर्दशार ( १० त्रिकोण ) Explanation

श्रीविद्या ~ श्रीयंत्र … प्राथमिक ज्ञान ~ भाग ७

नमस्ते मित्रों , श्रीविद्या पीठम में स्वागत हैं ।

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श्रीविद्या साधनाक्रम में अंतिम स्तर पर नवावर्ण पूजन संपन्न होता हैं । नवावर्ण अर्थात नवयोनियों का पूजन । नवयोनी अर्थात श्रीयंत्र । श्रीविद्या साधना हेतु और श्रीविद्या ज्ञान हेतु हमसे संपर्क कर सकते हैं ।

🪷 बहिर्दशार आवरण Explanation ( १० त्रिकोण ) 

श्रीविद्या पंचदशी दीक्षा पद्धति में बहिर्दशार यह पंचम आवरण हैं । १० त्रिकोण से बना यह आवरण हैं । इसे ” सर्वार्थ साधक चक्र ” कहते हैं । इस आवरण की चक्रेश्वरी देवी – त्रिपुराश्री देवी । ” कुलोत्तीर्न योगिनी ” इस चक्र की योगिनी देवी हैं । श्रीविद्या पद्धति में इन हर एक देवी का गुप्त ज्ञान हैं । हर देवी के अलग अलग ग्रंथ हैं और उनकी विद्या भी हैं । 

 


 

 


 

 


 

 

 

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