SriVidya – Nyas Vidya 4
◆ श्रीविद्या अंतर्गत अभ्यास के मुख्य अंग ◆ न्यासविद्या भाग : 4 आज हम अत्यंत अत्यंत महत्वपूर्ण न्यासविद्या के बारे में जानेंगे । श्रीविद्या में अत्यंत
◆ श्रीविद्या अंतर्गत अभ्यास के मुख्य अंग ◆ न्यासविद्या भाग : 4 आज हम अत्यंत अत्यंत महत्वपूर्ण न्यासविद्या के बारे में जानेंगे । श्रीविद्या में अत्यंत
◆ श्रीविद्या अंतर्गत शिव-शक्ति का भेदन (शिवलिंग) ◆ ☘️ शिव से शव की ओर ☘️ भाग : 3 शान्तं पद्मासनस्थं शशिधरमुकुटम पंचवक्त्रं, शूलं वज्रं च
◆ श्रीविद्या अंतर्गत शिव-शक्ति का भेदन (शिवलिंग) ◆ ☘️ शिव से शव की ओर ☘️ भाग : 1 श्री ललिताय नमः ।। जब कोई “श्रीविद्या”
◆ श्रीविद्या साधना के उच्चतम उपासक श्रीकार्तिकेय ◆ आजके हमारे श्रीविद्या साधको के लिए नया विषय लिया है । साधना करते करते साधक किस अवस्था
◆ श्रीविद्या साधना अंतर्गत मोक्ष को साधना ? ◆ भाग : ३ यजुर्वेद कहता है। ‘‘यस्य योनि परिपश्यन्तिधीरा तस्मिन् हतस्यु भुवनानि विश्वा’’ (जिस योनि को
◆ श्रीविद्या साधना अंतर्गत मोक्ष को साधना ? ◆ भाग : २ मोक्षस्य मूलं यज्ज्ञानं तस्य मूलं महेश्वरः । तस्य पंचाक्षरो मंत्रो मूलमंत्र गुरोर्वच: ।।
◆ श्रीविद्या साधना अंतर्गत मोक्ष को साधना ? ◆ भाग : 1 नमस्ते मित्रो , आजका विषय अजीब है पर जरूरी है। विषय है ,
◆ श्रीविद्या साधना अंतर्गत पंचदशी मंत्र का ” ककार ” ◆ भाग : 2 श्री ललिताय नमः ।। प्रसन्नोस्तु जगन्मात : ।। मेरे शरीरधारी गुरु
◆ श्रीविद्या साधना अंतर्गत पंचदशी मंत्र का ” ककार ” ◆ भाग : 1 श्री ललिताय नमः ।। प्रसन्नोस्तु जगन्मात : ।। मेरे शरीरधारी गुरु