◆ श्रीविद्या अंतर्गत अद्वैत वेदान्त का पथ ◆ श्रीविद्या साधक को श्रीविद्या के विस्तीर्ण क्षेत्र में अपना व्यक्तिगत अभ्यास रखना चाहिए। अपने आपको एक नियम-शिस्त
Tag: Lalita Sahastranaam
Sri Vidya – Krityaa Sadhna (कृत्या साधना) 1
◆ श्रीविद्या श्रीपरमशिव की कृत्या साधना ◆ भाग : १ मेरे शरीरधारी गुरु तथा मेरे पराजगत के गुरु श्रीमहावतार बाबाजी को प्रणाम , करके
Sri Vidya – Shiv Tatva Grantha
◆ श्रीविद्या अंतर्गत शिव तत्व के ग्रंथ ◆ श्रीविद्या साधने दीर्घ सूत्री ज्ञान विषय मे , श्रीविद्या साधक को शिव जी ने कितने सारे ज्ञान
SriVidya: Saundarya Lahiri – Hiranyagarbh 2
पिछले लेख से आगे शुरुआत करते हैं , ….. सर्वप्रथम हिरण्यगर्भ से अंडे के रूप का एक मुख प्रकट हुआ।
SriVidya: Saundrya Lahiri – Hiranyagarbh 1
श्रीविद्या अंतर्गत सौंदर्यलाहिरी ” हिरण्यगर्भ ” ◆ भाग : १ श्रीविद्या अंतर्गत सौंदर्यलाहिरी के विषयों में आज हिरण्यगर्भ का विषय
SriVidya Saundrya Lahiri – Illusion of Brahman
◆ श्रीविद्या अंतर्गत सौंदर्यलाहिरी ब्रम्ह भ्रम औऱ मल ◆ आदिशंकराचार्य जी ने किस रूप से अपनी साधना कर अद्वैतता को पहुचे
SriVidya – Nyasa Vidya 3
अनादि निधनं ब्रम्ह शब्दमक्षर संज्ञीतम । या – अनादि निधनं ब्रम्ह शब्दतत्वं यदक्षरं ।। ……. अर्थात वर्ण को ब्रम्ह कहा
SriVidya – Nyasa Vidya 2
अभीतक आप साधक , श्रीविद्या में न्यासविद्या का महत्व समझ चुके होंगे। ‘अस’ धातु में ‘नि’ उपसर्ग लगाने पर न्यास शब्द बनता है।
SriVidya – Nyasa Vidya 1
◆ श्रीविद्या अंतर्गत अभ्यास के मुख्य अंग ◆ ?न्यासविद्या भाग : १ ? देवतत्वं प्राणतत्वं बिंदुतत्वं च सुंदरी । ज्ञानतत्वं शक्तितत्वं
Sri Vidya – Brahma Unfolded (उच्छिष्ट ब्रम्ह) 1
◆ श्रीविद्या अंतर्गत सौंदर्यलाहिरी ” उच्छिष्ट ब्रम्ह “◆ भाग : १ बहुत लोगो को यह नाम नया होगा । अथर्व वेद में इस विषय का
